बिना डिग्रीधारी अथवा डिप्लोमाधारी योग्य कार्मिकों के मेडिकल लेबोरेटरी का संचालन गलत; प्रदेशों के स्वास्थ्य विभाग करें सख्त कार्रवाई : JFMLT India
नई दिल्ली।
ज्वाइंट फोरम ऑफ मेडिकल लेबोरेटरी टेक्नोलॉजिस्ट इंडिया (JFMLT India) ने देश के सभी राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों के स्वास्थ्य विभागों से मांग की है कि बिना मान्यता प्राप्त डिग्री अथवा डिप्लोमा प्राप्त मेडिकल लेबोरेटरी प्रोफेशनल्स के संचालित हो रही मेडिकल डायग्नोस्टिक लेबोरेटरी एवं पैथोलॉजी प्रयोगशालाओं के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए।
JFMLT India के अनुसार मेडिकल लेबोरेटरी साइंस स्वास्थ्य सेवाओं का एक महत्वपूर्ण आधार है, जहां जांच रिपोर्ट के आधार पर चिकित्सक रोग का निदान एवं उपचार निर्धारित करते हैं। ऐसे में यदि प्रयोगशालाओं का संचालन योग्य एवं प्रशिक्षित मेडिकल लेबोरेटरी प्रोफेशनल्स के बिना किया जाता है तो गलत जांच रिपोर्ट, गलत निदान तथा मरीजों के स्वास्थ्य पर गंभीर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
संगठन ने कहा कि देश के अनेक राज्यों में आज भी ऐसी प्रयोगशालाएं संचालित हो रही हैं, जहां आवश्यक शैक्षणिक योग्यता एवं तकनीकी दक्षता रखने वाले मेडिकल लेबोरेटरी प्रोफेशनल्स उपलब्ध नहीं हैं। यह स्थिति मरीजों की सुरक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता के लिए गंभीर चुनौती है।
JFMLT India ने सभी राज्य सरकारों एवं स्वास्थ्य विभागों से मांग की है कि—
• राज्यभर में संचालित मेडिकल लेबोरेटरी एवं डायग्नोस्टिक सेंटरों का विशेष निरीक्षण अभियान चलाया जाए।
• योग्य डिग्रीधारी एवं डिप्लोमाधारी मेडिकल लेबोरेटरी प्रोफेशनल्स की उपलब्धता का सत्यापन किया जाए।
• नियमों का उल्लंघन करने वाली प्रयोगशालाओं के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
• राष्ट्रीय आयोग फॉर एलाइड एंड हेल्थकेयर प्रोफेशन्स (NCAHP) के मानकों एवं दिशानिर्देशों का पालन कराया जाए।
• आम जनता को सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण एवं विश्वसनीय प्रयोगशाला सेवाएं उपलब्ध कराने हेतु प्रभावी निगरानी तंत्र विकसित किया जाए।
JFMLT India का मानना है कि देश में मेडिकल लेबोरेटरी सेवाओं की गुणवत्ता बनाए रखने तथा मरीजों के हितों की रक्षा के लिए केवल योग्य एवं प्रशिक्षित मेडिकल लेबोरेटरी प्रोफेशनल्स द्वारा ही प्रयोगशालाओं का संचालन एवं तकनीकी कार्य किया जाना चाहिए।















